Blog · 2026-10-19Read in English
ई-वे बिल कब ज़रूरी है? ₹50,000 का नियम आसान भाषा में
ई-वे बिल एक इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज़ है जो GST में माल को एक जगह से दूसरी जगह ले जाते समय चाहिए होता है। गाड़ी रुकने पर अधिकारी इसे जाँचते हैं।
कब बनाना ज़रूरी है
- जब एक खेप (एक गाड़ी में एक पार्टी का माल) की क़ीमत GST मिलाकर ₹50,000 से ज़्यादा हो।
- दूसरे राज्य में भेजने पर यह नियम पूरे देश में एक जैसा है।
- अपने ही राज्य के अंदर कई राज्यों की सीमा अलग है — अपने राज्य का नियम GST / ई-वे बिल पोर्टल पर ज़रूर देखें।
- जॉब वर्क, ब्रांच ट्रांसफ़र जैसे कुछ मामलों में कम क़ीमत पर भी ज़रूरी हो सकता है।
कौन-सी जानकारी चाहिए
| भाग | जानकारी |
|---|---|
| Part A | बिल नंबर और तारीख़, ख़रीदार, पिनकोड, HSN, क़ीमत, GST |
| Part B | गाड़ी नंबर (या ट्रांसपोर्टर ID / LR नंबर) |
वैधता दूरी पर निर्भर है — लगभग हर 200 किमी के लिए 1 दिन (बड़े आकार के माल के नियम अलग)।
DukanDesk से ई-वे बिल JSON
- सेल बिल बनाते समय E-way bill / transport वाला हिस्सा खोलें।
- ट्रांसपोर्टर, गाड़ी नंबर, दूरी और ख़रीदार का पिनकोड भरें।
- बिल सेव करें → बिल लिस्ट में E-way JSON दबाएँ।
- ewaybillgst.gov.in → Generate Bulk → JSON फ़ाइल अपलोड करें।
- जो EWB नंबर मिले उसे वापस बिल में भरें — बिल पर छप जाएगा।
₹50,000 से बड़े बिल पर DukanDesk अपने आप याद दिलाता है कि ई-वे बिल की जानकारी भरें।
ध्यान रखें
- गाड़ी बदलने पर Part B अपडेट करें।
- ग़लत ई-वे बिल 24 घंटे के अंदर रद्द हो सकता है।
- ज़रूरी ई-वे बिल के बिना माल ले जाने पर जुर्माना लग सकता है।
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